श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 60: दु:खित दमयन्तीका वार्ष्णेयके द्वारा कुमार-कुमारीको कुण्डिनपुर भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.60.13 
जानीषे त्वं यथा राजा सम्यग् वृत्त: सदा त्वयि।
तस्य त्वं विषमस्थस्य साहाय्यं कर्तुमर्हसि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'सूत! तुम जानते हो कि राजा तुम्हारे साथ कितना अच्छा व्यवहार करते थे। आज वे संकट में हैं, अतः तुम्हें भी उनकी सहायता करनी चाहिए।॥13॥
 
'Suta! You know how well the king used to treat you. Today he is in a difficult situation, so you should also help him.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)