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mahabharat 3.6.2: उसने सोचा कि विदुर संधि और युद्ध की नीति अच्छी तरह जानते हैं, इसी कारण उनका बड़ा प्रभाव है। यदि वे पाण्डवों के पक्ष में हो जाएँ, तो भविष्य में उन्हें बड़ी समृद्धि प्राप्त होगी॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 3.6: धृतराष्ट्रका संजयको भेजकर विदुरको वनसे बुलवाना और उनसे क्षमा-प्रार्थना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 6: धृतराष्ट्रका संजयको भेजकर विदुरको वनसे बुलवाना और उनसे क्षमा-प्रार्थना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.6.2 
विदुरस्य प्रभावं च संधिविग्रहकारितम्।
विवृद्धिं च परां मत्वा पाण्डवानां भविष्यति॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसने सोचा कि विदुर संधि और युद्ध की नीति अच्छी तरह जानते हैं, इसी कारण उनका बड़ा प्रभाव है। यदि वे पाण्डवों के पक्ष में हो जाएँ, तो भविष्य में उन्हें बड़ी समृद्धि प्राप्त होगी॥ 2॥
 
He thought that Vidura knows very well the policy of treaty and war, due to which he has a great influence. If he joins the side of the Pandavas, then they will have great prosperity in the future.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)