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mahabharat 3.59.12: इस समय सारथि ने महल में जाकर रानी दमयन्ती से निवेदन किया - 'देवी! ये वृद्ध लोग काम के लिए राजद्वार पर खड़े हैं। 12॥   |   mahabharat अध्याय 3.59: नलमें कलियुगका प्रवेश एवं नल और पुष्करकी द्यूतक्रीडा, प्रजा और दमयन्तीके निवारण करनेपर भी राजाका द्यूतसे निवृत्त नहीं होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 59: नलमें कलियुगका प्रवेश एवं नल और पुष्करकी द्यूतक्रीडा, प्रजा और दमयन्तीके निवारण करनेपर भी राजाका द्यूतसे निवृत्त नहीं होना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.59.12 
तत: सूत उपागम्य दमयन्त्यै न्यवेदयत्।
एष पौरजनो देवि द्वारि तिष्ठति कार्यवान्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस समय सारथि ने महल में जाकर रानी दमयन्ती से निवेदन किया - 'देवी! ये वृद्ध लोग काम के लिए राजद्वार पर खड़े हैं। 12॥
 
At this time, the charioteer went to the palace and requested Queen Damayanti - 'Goddess! These ancient people are standing at the royal gate for work. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)