Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.58.12: ‘जो कोई ऐसे पुण्यात्मा राजा नल को शाप देना चाहेगा, वह दुःखों से भरे हुए नरक के गहरे और विशाल गड्ढे में डूब जाएगा।’ कलियुग और द्वापरयुग से ऐसा कहकर देवता स्वर्ग को चले गए॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.58: देवताओंके द्वारा नलके गुणोंका गान और उनके निषेध करनेपर भी नलके विरुद्ध कलियुगका कोप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवंगुणं नलं यो वै कामयेच्छपितुं कले।
कृच्छ्रे स नरके मज्जेदगाधे विपुले ह्रदे।
एवमुक्त्वा कलिं देवा द्वापरं च दिवं ययु:॥ १२॥
अनुवाद
‘जो कोई ऐसे पुण्यात्मा राजा नल को शाप देना चाहेगा, वह दुःखों से भरे हुए नरक के गहरे और विशाल गड्ढे में डूब जाएगा।’ कलियुग और द्वापरयुग से ऐसा कहकर देवता स्वर्ग को चले गए॥12॥
'Anyone who wishes to curse such a virtuous King Nala will be immersed in a deep and vast pit of hell filled with suffering.' Having said this to Kaliyuga and Dwapara Yuga, the gods went to heaven.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥