श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 57: स्वयंवरमें दमयन्तीद्वारा नलका वरण, देवताओंका नलको वर देना, देवताओं और राजाओंका प्रस्थान, नल-दमयन्तीका विवाह एवं नलका यज्ञानुष्ठान और संतानोत्पादन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.57.46 
जनयामास च ततो दमयन्त्यां महामना:।
इन्द्रसेनं सुतं चापि इन्द्रसेनां च कन्यकाम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
महामना नल ने दमयन्ती के गर्भ से इन्द्रसेन नामक पुत्र और इन्द्रसेना नामक पुत्री को जन्म दिया ॥46॥
 
Mahamana Nala gave birth to a son named Indrasen and a daughter named Indrasena from the womb of Damayanti. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)