यमस्त्वन्नरसं प्रादाद् धर्मे च परमां स्थितिम्॥ ३७॥
अनुवाद
यमराज ने कहा, 'राजा नल द्वारा तैयार की गई रसोई में उत्तम से उत्तम भोजन और स्वाद उपलब्ध होगा तथा धर्म के प्रति उनकी निष्ठा अक्षुण्ण रहेगी।'
Yamaraja said, 'The best of the best food and taste will be available in the kitchen prepared by King Nal and his devotion towards Dharma will remain intact.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)