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mahabharat 3.56.9: 'जो सम्पूर्ण पृथ्वी को सिकोड़कर पुनः उसे अपना ग्रास बना लेते हैं, उन देवों के स्वामी अग्निदेव को कौन स्त्री अपना पति न बनाएगी?॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.56.9 
य इमां पृथिवीं कृत्स्नां संक्षिप्य ग्रसते पुन:।
हुताशमीशं देवानां का तं न वरयेत् पतिम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'जो सम्पूर्ण पृथ्वी को सिकोड़कर पुनः उसे अपना ग्रास बना लेते हैं, उन देवों के स्वामी अग्निदेव को कौन स्त्री अपना पति न बनाएगी?॥9॥
 
'Which woman would not choose as her husband, that lord of gods, Agni, who shrinks the whole earth and then makes it his prey again?॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)