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mahabharat 3.56.7: हे निर्दोष अंगों वाली सुन्दरी! जो मनुष्य देवताओं के विरुद्ध जाने का प्रयत्न करता है, उसकी मृत्यु अवश्य होती है; अतः आप मेरी रक्षा करें और उन महान देवताओं का वरण करें।   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.56.7 
विप्रियं ह्याचरन् मर्त्यो देवानां मृत्युमृच्छति।
त्राहि मामनवद्याङ्गि वरयस्व सुरोत्तमान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे निर्दोष अंगों वाली सुन्दरी! जो मनुष्य देवताओं के विरुद्ध जाने का प्रयत्न करता है, उसकी मृत्यु अवश्य होती है; अतः आप मेरी रक्षा करें और उन महान देवताओं का वरण करें।
 
'O beautiful lady with flawless body parts! A man who tries to go against the gods is bound to die; therefore, please save me and choose those great gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)