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mahabharat 3.56.5: दमयन्ती के ऐसा कहने पर राजा नल ने उससे पूछा - 'जब संसार के सभी रक्षक तुम्हें पाने के लिए आतुर हैं, तब तुम एक साधारण पुरुष को पति रूप में कैसे चुनना चाहती हो?॥5॥   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.56.5 
एवमुक्तस्तु वैदर्भ्या नलस्तां प्रत्युवाच ह।
तिष्ठत्सु लोकपालेषु कथं मानुषमिच्छसि॥ ५॥
 
 
अनुवाद
दमयन्ती के ऐसा कहने पर राजा नल ने उससे पूछा - 'जब संसार के सभी रक्षक तुम्हें पाने के लिए आतुर हैं, तब तुम एक साधारण पुरुष को पति रूप में कैसे चुनना चाहती हो?॥5॥
 
Upon Damayanti saying this, King Nala asked her, 'How can you wish to choose an ordinary man as your husband when there are all the protectors of the world (who are eager to have you)?॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)