Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.56.28: हे श्रेष्ठ देवताओं! जब मैं आपके प्रभाव का वर्णन करने लगा, उस समय सुन्दरी दमयन्ती ने मुझ पर ही अपना मन स्थिर करके मुझे ही वरण कर लिया।   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.56.28 
वर्ण्यमानेषु च मया भवत्सु रुचिरानना।
मामेव गतसंकल्पा वृणीते सा सुरोत्तमा:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ देवताओं! जब मैं आपके प्रभाव का वर्णन करने लगा, उस समय सुन्दरी दमयन्ती ने मुझ पर ही अपना मन स्थिर करके मुझे ही वरण कर लिया।
 
O great gods! When I began to describe your influence, at that time the beautiful Damayanti placed her mind's resolve on me and chose me alone. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)