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mahabharat 3.56.2: हे प्रभु! मैं और मेरा सारा धन आपका है। आप पूर्ण विश्वास के साथ मुझसे विवाह करें॥2॥   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.56.2 
अहं चैव हि यच्चान्यन्ममास्ति वसु किंचन।
तत् सर्वं तव विश्रब्धं कुरु प्रणयमीश्वर॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! मैं और मेरा सारा धन आपका है। आप पूर्ण विश्वास के साथ मुझसे विवाह करें॥2॥
 
'O Lord! I and all my wealth are yours. You should marry me with full faith.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)