Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.56.18-19: यह सुनकर दमयन्ती ने शुद्ध मुस्कान के साथ अश्रुपूर्ण स्वर में राजा नल से कहा - 'हे मनुष्यों के स्वामी! मैंने एक अमोघ उपाय खोज निकाला है, जिससे आपको किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगेगा।' | mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर दमयन्ती ने शुद्ध मुस्कान के साथ अश्रुपूर्ण स्वर में राजा नल से कहा - 'हे मनुष्यों के स्वामी! मैंने एक अमोघ उपाय खोज निकाला है, जिससे आपको किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगेगा।'
On hearing this Damayanti with a pure smile spoke to King Nala in a tearful voice - 'O Lord of men, I have found a flawless solution, O King! By which you will not be blamed in any way.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥