Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.56.14: हे पृथ्वीपति! मैं सम्पूर्ण देवताओं को प्रणाम करती हूँ और आपको पति रूप में वरण करती हूँ। मैंने आपसे यह बात सत्यपूर्वक कही है।॥14॥   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.56.14 
देवेभ्योऽहं नमस्कृत्य सर्वेभ्य: पृथिवीपते।
वृणे त्वामेव भर्तारं सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वीपति! मैं सम्पूर्ण देवताओं को प्रणाम करती हूँ और आपको पति रूप में वरण करती हूँ। मैंने आपसे यह बात सत्यपूर्वक कही है।॥14॥
 
‘O Lord of the Earth! I bow to all the gods and choose you as my husband. I have told you this truthfully.'॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)