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mahabharat 3.56.13: तदनन्तर जब निषध देश के राजा नल ने ऐसा कहा, तब दमयन्ती शोक से आँसुओं से भरी हुई आँखों से उनकी ओर देखकर इस प्रकार बोली-॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 56: नलका दमयन्तीसे वार्तालाप करना और लौटकर देवताओंको उसका संदेश सुनाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.56.13 
नैषधेनैवमुक्ता सा दमयन्ती वचोऽब्रवीत्।
समाप्लुताभ्यां नेत्राभ्यां शोकजेनाथ वारिणा॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर जब निषध देश के राजा नल ने ऐसा कहा, तब दमयन्ती शोक से आँसुओं से भरी हुई आँखों से उनकी ओर देखकर इस प्रकार बोली-॥13॥
 
Thereafter, when King Nala of Nishadha said this, Damayanti looked at him with eyes filled with tears of grief and spoke thus -॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)