Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.55.9: देवताओं ने कहा - हे निषधनराज! आपने तो हमें अपना कार्य पूर्ण करने की प्रतिज्ञा कर ली है, फिर आप उस प्रतिज्ञा को कैसे पूरा नहीं कर सकते? अतः हे निषधनराज! आप शीघ्र जाइए, विलम्ब न कीजिए॥9॥ | mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवा ऊचु:
करिष्य इति संश्रुत्य पूर्वमस्मासु नैषध।
न करिष्यसि कस्मात् त्वं व्रज नैषध मा चिरम्॥ ९॥
अनुवाद
देवताओं ने कहा - हे निषधनराज! आपने तो हमें अपना कार्य पूर्ण करने की प्रतिज्ञा कर ली है, फिर आप उस प्रतिज्ञा को कैसे पूरा नहीं कर सकते? अतः हे निषधनराज! आप शीघ्र जाइए, विलम्ब न कीजिए॥9॥
The gods said - O King of Nishadhana! You have already made a promise to us to complete our work, then how can you not keep that promise? Therefore, O King of Nishadhana! You go quickly; do not delay.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥