Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.55.8: हे देवराज! जो पुरुष किसी स्त्री को प्राप्त करने का मन बना चुका है, वह उस स्त्री को छोड़कर दूसरी स्त्री को कैसे प्राप्त कर सकता है? अतः आप सभी मेरे ऐसे कथन को क्षमा करें॥8॥ | mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवराज! जो पुरुष किसी स्त्री को प्राप्त करने का मन बना चुका है, वह उस स्त्री को छोड़कर दूसरी स्त्री को कैसे प्राप्त कर सकता है? अतः आप सभी मेरे ऐसे कथन को क्षमा करें॥8॥
'O Lord of gods! How can a man who has made up his mind to acquire a woman leave that woman for another? Therefore, you all please forgive me for saying such a thing.'॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥