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mahabharat 3.55.22-23: नल ने कहा- कल्याणी! मुझे नल ही समझो। मैं देवताओं का दूत बनकर यहाँ आया हूँ। इंद्र, अग्नि, वरुण और यम तुम्हें प्राप्त करना चाहते हैं। शोभने! इनमें से किसी एक को अपना पति चुनो।   |   mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना  »  श्लोक 22-23
 
 
श्लोक  3.55.22-23 
नल उवाच
नलं मां विद्धि कल्याणि देवदूतमिहागतम्॥ २२॥
देवास्त्वां प्राप्तुमिच्छन्ति शक्रोऽग्निर्वरुणो यम:।
तेषामन्यतमं देवं पतिं वरय शोभने॥ २३॥
 
 
अनुवाद
नल ने कहा- कल्याणी! मुझे नल ही समझो। मैं देवताओं का दूत बनकर यहाँ आया हूँ। इंद्र, अग्नि, वरुण और यम तुम्हें प्राप्त करना चाहते हैं। शोभने! इनमें से किसी एक को अपना पति चुनो।
 
Nala said- Kalyani! Consider me as Nala. I have come here as a messenger of the gods. Indra, Agni, Varuna and Yama want to get you. Shobhane! Choose any one of them as your husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)