Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.55.11: तब इन्द्र ने पुनः कहा, "तुम वहाँ प्रवेश कर सकोगे।" तत्पश्चात् "ऐसा ही हो" कहकर राजा नल दमयन्ती के महल में चले गये।   |   mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.55.11 
प्रवेक्ष्यसीति तं शक्र: पुनरेवाभ्यभाषत।
जगाम स तथेत्युक्त्वा दमयन्त्या निवेशनम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब इन्द्र ने पुनः कहा, "तुम वहाँ प्रवेश कर सकोगे।" तत्पश्चात् "ऐसा ही हो" कहकर राजा नल दमयन्ती के महल में चले गये।
 
Then Indra again replied, "You will be able to enter there." Thereafter, saying "So be it," King Nala went to Damayanti's palace. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)