Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.55.10: महर्षि बृहदश्व कहते हैं - हे राजन! देवताओं की यह बात सुनकर निषादनरेश ने उनसे पुनः पूछा - 'विदर्भराज के सब महल सुरक्षित हैं (पहरेदारों सहित)। मैं उनमें कैसे प्रवेश कर सकता हूँ?'॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि बृहदश्व कहते हैं - हे राजन! देवताओं की यह बात सुनकर निषादनरेश ने उनसे पुनः पूछा - 'विदर्भराज के सब महल सुरक्षित हैं (पहरेदारों सहित)। मैं उनमें कैसे प्रवेश कर सकता हूँ?'॥10॥
Sage Brihadashwa says - O King! On hearing the gods say this, Nishadhanaresana again asked them - 'All the palaces of the King of Vidarbha are safe (with guards). How can I enter them?'॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥