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mahabharat 3.54.9: हे राजन! विदर्भराज ने सब राजाओं को इस प्रकार आमंत्रित किया - 'वीरों! मेरे यहाँ कन्या का स्वयंवर हो रहा है। आप सब लोग पधारें और इस उत्सव का आनन्द लें।'॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.54.9 
स संनिमन्त्रयामास महीपालान् विशाम्पति:।
एषोऽनुभूयतां वीरा: स्वयंवर इति प्रभो॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! विदर्भराज ने सब राजाओं को इस प्रकार आमंत्रित किया - 'वीरों! मेरे यहाँ कन्या का स्वयंवर हो रहा है। आप सब लोग पधारें और इस उत्सव का आनन्द लें।'॥9॥
 
O King! The king of Vidarbha invited all the kings in this manner-'Heroes! There is a swayamvara of a daughter at my place. You all please come and enjoy this festival.'॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)