हे निषादराज, हे पुरुषोत्तम नल! आप सत्यपुरुष हैं, कृपया हमारी सहायता करें। हमारे दूत बनें॥31॥
‘O King of Nishadesh, the best of men, Nala! You are a man of truth, please help us. Become our messenger.’॥ 31॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि नलोपाख्यानपर्वणि इन्द्रनारदसंवादे चतुष्पञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत नलोपाख्यानपर्वमें इन्द्रनारदसंवादविषयक चौवनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)