श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान  »  श्लोक 20-21
 
 
श्लोक  3.54.20-21 
नारद उवाच
शृणु मे मघवन् येन न दृश्यन्ते महीक्षित:॥ २०॥
विदर्भराज्ञो दुहिता दमयन्तीति विश्रुता।
रूपेण समतिक्रान्ता पृथिव्यां सर्वयोषित:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
नारद बोले, 'माघवन! मैं तुम्हें वह कारण बताता हूँ कि इन दिनों यहाँ राजा क्यों नहीं दिखाई देते। सुनो। विदर्भ के राजा भीम ने दमयंती नाम की एक कन्या को जन्म दिया, जो मनमोहक सौंदर्य में पृथ्वी की समस्त कन्याओं से बढ़कर है।
 
Narada said, 'Maghavan! I will tell you the reason why kings are not seen here these days. Listen. King Bhima of Vidarbha gave birth to a girl named Damayanti who surpasses all the girls on earth in enchanting beauty.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd