Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.54.16: तब नारदजी बोले - हे प्रभु! हे प्रभु! हम सब कुशलपूर्वक हैं तथा सम्पूर्ण लोकों के सभी राजा भी कुशलपूर्वक हैं ॥16॥   |   mahabharat अध्याय 3.54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.54.16 
नारद उवाच
आवयो: कुशलं देव सर्वत्रगतमीश्वर।
लोके च मघवन् कृत्स्ने नृपा: कुशलिनो विभो॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब नारदजी बोले - हे प्रभु! हे प्रभु! हम सब कुशलपूर्वक हैं तथा सम्पूर्ण लोकों के सभी राजा भी कुशलपूर्वक हैं ॥16॥
 
Then Narada said - O Lord! O Lord! Everything is well with us and all the kings in the entire world are also well. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)