श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 54: स्वर्गमें नारद और इन्द्रकी बातचीत, दमयन्तीके स्वयंवरके लिये राजाओं तथा लोकपालोंका प्रस्थान  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.54.12 
तेषां भीमो महाबाहु: पार्थिवानां महात्मनाम्।
यथार्हमकरोत् पूजां तेऽवसंस्तत्र पूजिता:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु राजा भीम ने वहाँ उपस्थित उन श्रेष्ठ राजाओं की यथायोग्य पूजा की, तत्पश्चात् वे भी उनकी पूजा करके वहीं रहने लगे ॥12॥
 
The mighty-armed King Bhima worshiped those great kings present there as befits him. After that they worshiped him and started living there. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)