Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.53.2-3: जैसे देवराज इन्द्र समस्त देवताओं के प्रधान हैं, उसी प्रकार राजा नल भी समस्त राजाओं से श्रेष्ठ थे। वे तेज में भगवान सूर्य के समान श्रेष्ठ थे। निषदेश के राजा नल महान ब्राह्मणभक्त, वेदों के विद्वान, वीर योद्धा, जुआ खेलने वाले, सत्यवादी, महान और एक अक्षौहिणी सेना के स्वामी थे।॥ 2-3॥ | mahabharat अध्याय 3.53: नल-दमयन्तीके गुणोंका वर्णन, उनका परस्पर अनुराग और हंसका दमयन्ती और नलको एक-दूसरेके संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे देवराज इन्द्र समस्त देवताओं के प्रधान हैं, उसी प्रकार राजा नल भी समस्त राजाओं से श्रेष्ठ थे। वे तेज में भगवान सूर्य के समान श्रेष्ठ थे। निषदेश के राजा नल महान ब्राह्मणभक्त, वेदों के विद्वान, वीर योद्धा, जुआ खेलने वाले, सत्यवादी, महान और एक अक्षौहिणी सेना के स्वामी थे।॥ 2-3॥
Just as Devraj Indra is the head of all the gods, similarly King Nala was above all kings. He was as supreme as Lord Sun in brilliance. King Nala of Nishadesh was a great devotee of Brahmins, a scholar of Vedas, a brave warrior, a lover of gambling, truthful, great and the owner of an Akshauhini army.॥ 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥