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mahabharat 3.53.12: सब प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित, अपूर्व सुन्दर शरीर वाली भीम की पुत्री अपनी सखियों के साथ ऐसी शोभा पा रही थी, जैसे बादलों में चमकती हुई बिजली।   |   mahabharat अध्याय 3.53: नल-दमयन्तीके गुणोंका वर्णन, उनका परस्पर अनुराग और हंसका दमयन्ती और नलको एक-दूसरेके संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 53: नल-दमयन्तीके गुणोंका वर्णन, उनका परस्पर अनुराग और हंसका दमयन्ती और नलको एक-दूसरेके संदेश सुनाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.53.12 
तत्र स्म राजते भैमी सर्वाभरणभूषिता।
सखीमध्येऽनवद्याङ्गी विद्युत्सौदामनी यथा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सब प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित, अपूर्व सुन्दर शरीर वाली भीम की पुत्री अपनी सखियों के साथ ऐसी शोभा पा रही थी, जैसे बादलों में चमकती हुई बिजली।
 
Adorned with all kinds of ornaments, the daughter of Bhima, with incomparably beautiful body, looked as beautiful in the company of her friends as lightning flashing among the clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)