श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.52.9 
यस्य बाहू समाश्रित्य वयं सर्वे महात्मन:।
मन्यामहे जितानाजौ परान् प्राप्तां च मेदिनीम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'महान् अर्जुन के बल का आश्रय लेकर हम अपने को युद्ध में शत्रुओं को परास्त करके इस पृथ्वी पर अधिकार कर लिया हुआ समझते हैं।॥9॥
 
'Taking shelter in the strength of the mighty Arjuna, we consider ourselves to have defeated our enemies in the war and to have taken control of this earth.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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