श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.52.7 
यस्मिन् विनष्टे पाञ्चाला: सह पुत्रैस्तथा वयम्।
सात्यकिर्वासुदेवश्च विनश्येयुर्न संशय:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'यदि अर्जुन कहीं नष्ट हो जाएँ, तो उनके पुत्रों सहित पांचाल, हम पाण्डव, सात्यकि और वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण - ये सब नष्ट हो जाएँगे॥7॥
 
'If Arjuna is destroyed somewhere, then Panchala along with his sons, we Pandavas, Satyaki and Vasudevanandan Shri Krishna - all of them will be destroyed. 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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