श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  3.52.55 
निषधेषु महीपालो वीरसेन इति श्रुत:।
तस्य पुत्रोऽभवन्नाम्ना नलो धर्मार्थकोविद:॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
निषध देश में वीरसेन नामक एक प्रसिद्ध भूपाल हुए हैं । उनके पुत्र का नाम नल था । जो धर्म और अर्थशास्त्र के दार्शनिक थे । 55॥
 
There is a famous Bhupal named Veersen in Nishadha country. His son's name was Nala. Who was a philosopher of religion and economics. 55॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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