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श्लोक 3.52.37  |
असंशयं महाबाहो हनिष्यसि सुयोधनम्।
वर्षात् त्रयोदशादूर्ध्वं सह गाण्डीवधन्वना॥ ३७॥ |
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| अनुवाद |
| 'महाबाहो! इसमें कोई संदेह नहीं कि तेरहवें वर्ष के बाद तुम गाण्डीवधारी अर्जुन के साथ जाकर युद्ध में सुयोधन का वध करोगे ॥37॥ |
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| 'Mahabaho! There is no doubt that after the thirteenth year you will go with Arjuna wielding Gandiva and kill Suyodhana in battle. 37॥ |
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