श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  3.52.37 
असंशयं महाबाहो हनिष्यसि सुयोधनम्।
वर्षात् त्रयोदशादूर्ध्वं सह गाण्डीवधन्वना॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
'महाबाहो! इसमें कोई संदेह नहीं कि तेरहवें वर्ष के बाद तुम गाण्डीवधारी अर्जुन के साथ जाकर युद्ध में सुयोधन का वध करोगे ॥37॥
 
'Mahabaho! There is no doubt that after the thirteenth year you will go with Arjuna wielding Gandiva and kill Suyodhana in battle. 37॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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