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mahabharat 3.52.26: हे शत्रुनाश! दुर्योधन को उसके बन्धुओं सहित मार डालने का यही समय है। हे राजन! यह कार्य उससे पहले ही कर लेना चाहिए, जब वह सम्पूर्ण पृथ्वी को एक सूत्र में बाँध ले॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 3.52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.52.26 
कालो दुर्योधनं हन्तुं सानुबन्धमरिंदम।
एकाग्रां पृथिवीं सर्वां पुरा राजन् करोति स:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुनाश! दुर्योधन को उसके बन्धुओं सहित मार डालने का यही समय है। हे राजन! यह कार्य उससे पहले ही कर लेना चाहिए, जब वह सम्पूर्ण पृथ्वी को एक सूत्र में बाँध ले॥ 26॥
 
'O enemy-destroyer! This is the time to kill Duryodhan along with his relatives. O King! This must be done before he binds the entire earth in one thread.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)