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mahabharat 3.52.13: 'तुम्हारे जुए के दोष के कारण हम लोग प्रयत्न करने पर भी दरिद्र हो गए हैं और दुर्योधन आदि मूर्ख लोग हमारा धन दान में पाकर अब और भी अधिक बलवान हो गए हैं।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.52.13 
भवतो द्यूतदोषेण सर्वे वयमुपप्लुता:।
अहीनपौरुषा बाला बलिभिर्बलवत्तरा:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हारे जुए के दोष के कारण हम लोग प्रयत्न करने पर भी दरिद्र हो गए हैं और दुर्योधन आदि मूर्ख लोग हमारा धन दान में पाकर अब और भी अधिक बलवान हो गए हैं।॥13॥
 
'Due to the fault of your gambling, we have become poor in spite of our efforts, and those foolish people like Duryodhan etc., having received our wealth as gifts, have become more powerful now.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)