श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.52.12 
वयं हि सह कृष्णेन हत्वा कर्णमुखान् परान्।
स्वबाहुविजितां कृत्स्नां प्रशासेम वसुन्धराम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण के साथ हम कर्ण आदि शत्रुओं को मार सकते हैं और अपने बाहुबल से सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर उस पर शासन कर सकते हैं॥12॥
 
‘With Lord Krishna, we can kill our enemies like Karna and conquer the whole earth with our physical strength and rule over it.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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