Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.51.33-34h: महाबाहो! केशव! तेरहवें वर्ष के पश्चात् तुम मेरे समस्त शत्रुओं का उनके बन्धुओं सहित नाश कर दोगे। ऐसा करके तुम मेरे सत्य (वनवास व्रत) की रक्षा करोगे। मैंने राजाओं की सभा में वनवास में रहने की प्रतिज्ञा की है। | mahabharat अध्याय 3.51: संजयका धृतराष्ट्रके प्रति श्रीकृष्णादिके द्वारा की हुई दुर्योधनादिके वधकी प्रतिज्ञाका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहो! केशव! तेरहवें वर्ष के पश्चात् तुम मेरे समस्त शत्रुओं का उनके बन्धुओं सहित नाश कर दोगे। ऐसा करके तुम मेरे सत्य (वनवास व्रत) की रक्षा करोगे। मैंने राजाओं की सभा में वनवास में रहने की प्रतिज्ञा की है।
Mahabaho! Kesava! After the thirteenth year, you will destroy all my enemies along with their relatives. By doing this, you will protect my truth (vow for exile). I have pledged to live in exile in the assembly of kings. 33 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥