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श्लोक  3.51.11 
रामकृष्णप्रणीतानां वृष्णीनां सूतनन्दन।
न शक्य: सहितुं वेग: सर्वैस्तैरपि संयुगे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'सुतानन्दन! युद्ध में बलराम और श्रीकृष्ण द्वारा प्रेरित वृष्णिवंशी योद्धाओं के वेग का सामना समस्त कौरव मिलकर भी नहीं कर सकते।
 
'Sutananandan! Even all the Kauravas together cannot withstand the ferocity of the Vrishnivanshi warriors inspired by Balarama and Shri Krishna in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)