Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.50.8: वहाँ कोई भी ब्राह्मण ऐसा नहीं था जिसका रंग दागदार हो या जो किसी रोग से ग्रस्त हो। कोई भी ब्राह्मण दुबला-पतला, कमजोर, दुखी या डरा हुआ नहीं दिख रहा था।   |   mahabharat अध्याय 3.50: वनमें पाण्डवोंका आहार   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 50: वनमें पाण्डवोंका आहार  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.50.8 
न तत्र कश्चिद् दुर्वर्णो व्याधितो वापि दृश्यते।
कृशो वा दुर्बलो वापि दीनो भीतोऽपि वा पुन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वहाँ कोई भी ब्राह्मण ऐसा नहीं था जिसका रंग दागदार हो या जो किसी रोग से ग्रस्त हो। कोई भी ब्राह्मण दुबला-पतला, कमजोर, दुखी या डरा हुआ नहीं दिख रहा था।
 
There was no Brahmin there whose complexion was tainted or who was suffering from any disease. None of them looked thin, weak, miserable or scared.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)