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mahabharat 3.49.9: आपके पुत्रों ने, जिन्होंने पाण्डवों के सामने ही द्रौपदी के वस्त्र खींचकर पाण्डवों को क्रोधित कर दिया था, स्वयं ही इस रोमांचकारी, अत्यन्त भयंकर और भयंकर युद्ध को आमंत्रित किया है॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.49.9 
आसादितमिदं घोरं तुमुलं लोमहर्षणम्।
द्रौपदीं परिकर्षद्भि: कोपयद्भिश्च पाण्डवान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्रों ने, जिन्होंने पाण्डवों के सामने ही द्रौपदी के वस्त्र खींचकर पाण्डवों को क्रोधित कर दिया था, स्वयं ही इस रोमांचकारी, अत्यन्त भयंकर और भयंकर युद्ध को आमंत्रित किया है॥9॥
 
Your sons, who enraged the Pandavas by pulling off Draupadi's garment in the presence of the Pandavas, have themselves invited this thrilling, extremely dreadful and fierce battle.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)