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mahabharat 3.49.14: धृतराष्ट्र बोले, 'बेटा! कर्ण ने ऐसे कठोर वचन बोलकर क्या प्राप्त किया? शत्रुता इतनी बढ़ गई कि द्रौपदी को (बाल पकड़कर) सभा में लाया गया॥14॥   |   mahabharat अध्याय 3.49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.49.14 
धृतराष्ट्र उवाच
किं कृतं सूत कर्णेन वदता परुषं वच:।
पर्याप्तं वैरमेतावद् यत् कृष्णा सा सभां गता॥ १४॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले, 'बेटा! कर्ण ने ऐसे कठोर वचन बोलकर क्या प्राप्त किया? शत्रुता इतनी बढ़ गई कि द्रौपदी को (बाल पकड़कर) सभा में लाया गया॥14॥
 
Dhritarashtra said, 'Son! What did Karna achieve by speaking such harsh words? The enmity increased so much that Draupadi was brought to the court (by holding her hair).॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)