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mahabharat 3.49.13: मेरा विश्वास है कि अपनी पत्नियों के अपमान से उत्पन्न आक्रोश और क्रोध से भरकर कुन्ती के सभी पुत्र युद्ध में आपके पुत्रों का नाश कर देंगे।   |   mahabharat अध्याय 3.49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.49.13 
मन्ये मन्युसमुद्‍धूता: पुत्राणां तव संयुगे।
अन्तं पार्था: करिष्यन्ति भार्यामर्षसमन्विता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
मेरा विश्वास है कि अपनी पत्नियों के अपमान से उत्पन्न आक्रोश और क्रोध से भरकर कुन्ती के सभी पुत्र युद्ध में आपके पुत्रों का नाश कर देंगे।
 
I believe that all the sons of Kunti, filled with resentment and anger caused by the insult to their wives, will destroy your sons in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)