श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.49.1 
संजय उवाच
यदेतत् कथितं राजंस्त्वया दुर्योधनं प्रति।
सर्वमेतद् यथातत्त्वं नैतन्मिथ्या महीपते॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! दुर्योधन के विषय में आपने जो कुछ कहा है, वह सब सत्य है। हे राजन! आपके शब्द असत्य नहीं हैं।"
 
Sanjaya said- O King! All that you have said about Duryodhan is true. O King! Your words are not false.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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