vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 49: संजयके द्वारा धृतराष्ट्रकी बातोंका अनुमोदन और धृतराष्ट्रका संताप
»
श्लोक 1
श्लोक
3.49.1
संजय उवाच
यदेतत् कथितं राजंस्त्वया दुर्योधनं प्रति।
सर्वमेतद् यथातत्त्वं नैतन्मिथ्या महीपते॥ १॥
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! दुर्योधन के विषय में आपने जो कुछ कहा है, वह सब सत्य है। हे राजन! आपके शब्द असत्य नहीं हैं।"
Sanjaya said- O King! All that you have said about Duryodhan is true. O King! Your words are not false.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×