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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 48: दु:खित धृतराष्ट्रका संजयके सम्मुख अपने पुत्रोंके लिये चिन्ता करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.48.7 
मम पुत्रा दुरात्मान: सर्वे मृत्युवशानुगा:।
येषां युद्धं दुराधर्षै: पाण्डवै: प्रत्युपस्थितम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मेरे सभी दुष्ट पुत्र मृत्यु के शिकार हो गए हैं, क्योंकि अब उन्हें वीर पाण्डवों के साथ युद्ध करने का अवसर प्राप्त हो गया है।
 
All my evil-minded sons have fallen prey to death because they have now been presented with the opportunity to fight a battle with the valiant Pandavas. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)