Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.47.23: 'यह वीर अर्जुन ही उन समस्त निवात-कवचों को नष्ट करने में समर्थ है। युद्ध में उन सबको मारकर वह मनुष्य लोक में लौट जाएगा।॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 3.47: लोमश मुनिका स्वर्गमें इन्द्र और अर्जुनसे मिलकर उनका संदेश ले काम्यकवनमें आना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह वीर अर्जुन ही उन समस्त निवात-कवचों को नष्ट करने में समर्थ है। युद्ध में उन सबको मारकर वह मनुष्य लोक में लौट जाएगा।॥ 23॥
'This valiant Arjuna alone is capable of destroying all those Nivaat-kavachs. After killing them all in the war, he will return to the human world.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥