Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.46.9: अपने स्तनों का भारी भार सहते-सहते थककर वह हर कदम पर झुक जाती थी। उसके सुंदर मध्य भाग (पेट) में तीन तरफ़ वाली रेखा के कारण एक अजीब-सी सुंदरता थी। | mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने स्तनों का भारी भार सहते-सहते थककर वह हर कदम पर झुक जाती थी। उसके सुंदर मध्य भाग (पेट) में तीन तरफ़ वाली रेखा के कारण एक अजीब-सी सुंदरता थी।
Tired of bearing the heavy weight of her breasts, she would bend at every step. Her beautiful midsection (stomach) had a strange beauty due to the three-sided line.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥