Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.46.61: पांडु पुत्र धनंजय महान गंधर्व चित्रसेन के साथ स्वर्ग में सुखपूर्वक रहने लगे। 61॥   |   mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  3.46.61 
चित्रसेनेन सहितो गन्धर्वेण यशस्विना।
रेमे स स्वर्गभवने पाण्डुपुत्रो धनंजय:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
पांडु पुत्र धनंजय महान गंधर्व चित्रसेन के साथ स्वर्ग में सुखपूर्वक रहने लगे। 61॥
 
Pandu's son Dhananjay started living happily in heaven with the great Gandharva Chitrasen. 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)