Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.46.42: उर्वशी बोली - हे देवराज के वीर पुत्र! हम सभी अप्सराएँ स्वर्गवासियों के लिए नग्न हैं - हमारा किसी से कोई परदा नहीं है। अतः आप मुझे गुरु के स्थान पर नियुक्त न करें। | mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उर्वशी बोली - हे देवराज के वीर पुत्र! हम सभी अप्सराएँ स्वर्गवासियों के लिए नग्न हैं - हमारा किसी से कोई परदा नहीं है। अतः आप मुझे गुरु के स्थान पर नियुक्त न करें।
Urvashi said - O brave son of the king of gods! We all Apsaras are naked for the people of heaven - we have no veil with anyone. Therefore, do not appoint me in the place of a Guru. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥