Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.46.35: आपके गुणों ने मेरे मन को आपकी ओर आकर्षित कर लिया है। मैं कामदेव के वश में आ गया हूँ। हे वीर! यह इच्छा मेरे हृदय में बहुत समय से चल रही थी। 35। | mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके गुणों ने मेरे मन को आपकी ओर आकर्षित कर लिया है। मैं कामदेव के वश में आ गया हूँ। हे वीर! यह इच्छा मेरे हृदय में बहुत समय से चल रही थी। 35।
Your qualities have attracted my mind towards you. I have come under the control of Kaamdev. O brave one! This desire has been going on in my heart for a long time. 35.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥