श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.46.21 
फाल्गुनस्य वच: श्रुत्वा गतसंज्ञा तदोर्वशी।
गन्धर्ववचनं सर्वं श्रावयामास तं तदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के ये वचन सुनकर उर्वशी अपनी सुध-बुध खो बैठी और उसने उस समय गंधर्वराज चित्रसेन की सारी बातें अर्जुन को सुना दीं।
 
On hearing these words of Arjun, Urvashi lost her senses and at that time she narrated to him all that Gandharvaraj Chitrasena had said.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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