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mahabharat 3.46.19: उर्वशी को आते देख अर्जुन की आँखें लज्जा से बंद हो गईं। उस समय उसने उसके चरणों में झुककर उसे गुरु के समान सम्मान दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.46.19 
दृष्ट्वैव चोर्वशीं पार्थो लज्जासंवृतलोचन:।
तदाभिवादनं कृत्वा गुरुपूजां प्रयुक्तवान्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उर्वशी को आते देख अर्जुन की आँखें लज्जा से बंद हो गईं। उस समय उसने उसके चरणों में झुककर उसे गुरु के समान सम्मान दिया।
 
Seeing Urvashi coming Arjun's eyes closed in shame. At that time he bowed down at her feet and honoured her like a teacher.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)