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mahabharat 3.46.13: थोड़ी-सी मदिरा पीने, संतुष्ट रहने, काम-वासना से युक्त होने तथा नाना प्रकार के विलासों से परिपूर्ण होने के कारण वह अत्यंत सुन्दर हो गई थी ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 46: उर्वशीका कामपीड़ित होकर अर्जुनके पास जाना और उनके अस्वीकार करनेपर उन्हें शाप देकर लौट आना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.46.13 
सीधुपानेन चाल्पेन तुष्टॺाथ मदनेन च।
विलासनैश्च विविधै: प्रेक्षणीयतराभवत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
थोड़ी-सी मदिरा पीने, संतुष्ट रहने, काम-वासना से युक्त होने तथा नाना प्रकार के विलासों से परिपूर्ण होने के कारण वह अत्यंत सुन्दर हो गई थी ॥13॥
 
Due to drinking a little liquor, being contented, being filled with lust and being filled with various kinds of luxuries, she had become extremely beautiful. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)