श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 43: अर्जुनद्वारा देवराज इन्द्रका दर्शन तथा इन्द्रसभामें उनका स्वागत  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.43.28 
तत्र स्म गाथा गायन्ति साम्ना परमवल्गुना।
गन्धर्वास्तुम्बुरुश्रेष्ठा: कुशला गीतसामसु॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उस समय सामगान में निपुण तुम्बुरु आदि महान् गन्धर्व सामगान के नियमों के अनुसार अत्यन्त मधुर वाणी में गाथाएँ गाने लगे॥ 28॥
 
At that time, the great Gandharvas like Tumburu, who were adept in Sama-gaana, started singing the ballads in very sweet voice according to the rules of Sama-gaana.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)